
बेंगलुरु। कर्नाटक में ईद-ए-मिलाद जुलूस के दौरान लगाए गए कुछ बैनर और झंडों को लेकर विवाद सामने आया है। चिकमगलूर के टीपू नगर इलाके में जुलूस के दौरान ‘आई लव मोहम्मद’ (I Love Mohammed) लिखा बैनर दिखाई देने के बाद मामला चर्चा में आ गया। वहीं, उत्तर कन्नड़ जिले के अंकोला शहर में ईद-ए-मिलाद जुलूस के दौरान कुछ लोगों द्वारा कथित तौर पर फिलिस्तीन का झंडा दिखाने पर पुलिस ने तुरंत कार्रवाई की।
चिकमगलूर में ‘आई लव मोहम्मद’ बैनर को लेकर विवाद उस समय शुरू हुआ, जब ईद-ए-मिलाद के अवसर पर निकाले गए जुलूस में यह बैनर लगाया गया। बताया जा रहा है कि इस तरह के बैनर को लेकर पहले भी विवाद हो चुका है। पिछले वर्ष उत्तर प्रदेश के कानपुर में ईद-ए-मिलाद के दौरान इसी तरह के बैनर को लेकर मामला सामने आया था, जिसके बाद यह मुद्दा देशभर में चर्चा का विषय बना था।
कर्नाटक में भी इस बैनर के दिखाई देने के बाद कुछ लोगों ने आपत्ति जताई और मामले ने तूल पकड़ लिया। हालांकि, स्थानीय स्तर पर स्थिति को नियंत्रित रखने के लिए प्रशासन और पुलिस की ओर से सतर्कता बरती जा रही है। पुलिस पूरे घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए है और किसी भी तरह की अप्रिय स्थिति से बचने के लिए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।
वहीं, उत्तर कन्नड़ जिले के अंकोला शहर में ईद-ए-मिलाद जुलूस के दौरान फिलिस्तीन का झंडा दिखाने का मामला सामने आया। जानकारी के अनुसार, जुलूस के दौरान कुछ लोगों ने फिलिस्तीन का झंडा प्रदर्शित किया। जैसे ही पुलिस को इसकी जानकारी मिली, अधिकारी तुरंत मौके पर पहुंचे।
पुलिस ने मौके पर पहुंचकर झंडे को जब्त कर लिया और संबंधित लोगों को चेतावनी दी। अधिकारियों ने साफ कहा कि जुलूस के दौरान किसी भी ऐसे झंडे या प्रतीक का इस्तेमाल नहीं किया जाना चाहिए, जिससे कानून व्यवस्था की स्थिति प्रभावित हो सकती है।
पुलिस की कार्रवाई के बाद जुलूस को शांतिपूर्ण तरीके से आगे बढ़ने दिया गया। अधिकारियों ने लोगों से अपील की कि धार्मिक कार्यक्रमों के दौरान शांति और सौहार्द बनाए रखें और किसी भी ऐसी गतिविधि से बचें जिससे विवाद की स्थिति पैदा हो।
प्रशासन का कहना है कि धार्मिक आयोजनों में कानून व्यवस्था बनाए रखना प्राथमिकता है। इसके लिए पुलिस बल की तैनाती की जाती है और संवेदनशील इलाकों में विशेष निगरानी रखी जाती है।
ईद-ए-मिलाद जुलूस के दौरान बैनर और झंडों को लेकर विवाद की घटनाएं पहले भी सामने आती रही हैं। प्रशासन लगातार आयोजकों से अपील करता है कि जुलूस के दौरान ऐसे किसी भी संदेश या प्रतीक का इस्तेमाल न किया जाए, जिससे किसी समुदाय की भावनाएं आहत हों या तनाव की स्थिति बने।
पुलिस अधिकारियों ने कहा कि किसी भी मामले में कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने लोगों से सोशल मीडिया पर अफवाहों से बचने और किसी भी संवेदनशील मुद्दे पर संयम बरतने की अपील की है।
स्थानीय प्रशासन का कहना है कि दोनों घटनाओं में स्थिति फिलहाल नियंत्रण में है। पुलिस की निगरानी जारी है और जुलूसों को शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न कराया गया।
विशेषज्ञों का मानना है कि धार्मिक आयोजनों के दौरान प्रशासन, आयोजकों और स्थानीय लोगों के बीच बेहतर तालमेल जरूरी होता है। छोटी-सी घटना भी अगर समय रहते नियंत्रित न की जाए तो तनाव का कारण बन सकती है।
फिलहाल कर्नाटक पुलिस दोनों घटनाओं को लेकर सतर्क है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि राज्य में कानून व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी और किसी भी स्थिति में शांति व्यवस्था को प्रभावित नहीं होने दिया जाएगा।





